Showing posts with label valentines day. Show all posts
Showing posts with label valentines day. Show all posts

Monday, 14 February 2011

गर ठुकराया हमें तो और कौन देगा ऐसी मिसाल...



"कि कब से बेकरार थे, कितने बीमार थे,

क्या करते, कैसे कहते इतने लाचार थे।

उन्हें भी थी खबर हमारी चाहत की खूब,

वो न सुनने को, न हम कहने को तैयार थे।।



पल बीते, बीते साल पर दिल का रहा वही हाल,

बढ़ती रही चाहत पर बदला न दिल का सवाल।

उनकी आंखों में थी चमक पर था एक ख्याल,

गर ठुकराया हमें तो और कौन देगा ऐसी मिसाल।।



शायद खुदा को थी हमारी वफा की ऐसी फिक्र,

आखिरकार एक दिन उन्होंने अपने होंठ हिलाए।

थोड़ा इठलाए, इतराए और फिर कुछ यूं मुस्कराए,

जिस बात को दिल-ए-नादां था "अमित" बेकरार।।



चंद मोहब्बत के अल्फाज उनकी जुबां पे आए,

आंखों में आंखें डालकर वो कुछ यूं शरमाए।

कि समझ में आया हमें इकरार का यह अंदाज,

कि होंठ भी न हिलें आंखें ही सबकुछ कह जाएं।।



यही है मोहब्बत की वो कहानी जो हर दिल चाहे,

कि जिससे करे वो आशिकी वो यार मिल जाए।

उस पल के बाद चाहे आशिक फना हो जाए,

या खुदा तेरी रहमत हर आशिक के साथ हो जाए।।"

Wednesday, 10 February 2010

प्यार: देखो, बोलो और सुनो


लव मंकी गांधीगिरी से फैला रहे मोहब्बत की खुशबू

गांधी जी ने कहा था बुरा मत देखो, बुरा मत बोलो, बुरा मत सुनो। जिन्हें मुंह, आंख और कानों पर हाथ रखे तीन बंदरों को देखकर साफ समझा जा सकता है। वक्त की नब्ज को टटोलते हुए आपसी सौहार्द बढ़ाने और प्रगति के लिए यह संदेश काफी कारगर साबित हुआ। लेकिन अब मशीननुमा बन चुके इंसानों में नफरत तेजी से बढ़ती जा रही है। आपसी रिश्तों में तकरार बढऩे के साथ ही तनाव का स्तर बढ़ता जा रहा है। ऐसे में यदि एक छोटा और बहुत ही गंभीर संदेश आपको बेहद ही लुभावने और मजेदार तरीके से मिले, तो उसे देखकर एक बारगी मन में प्यार जरूर पैदा होगा।

चार दिन की जिंदगानी में बढ़ती नफरत की दीवार को अब तीन बंदरों ने गांधीगिरी से ढहाने की कमान संभाली है। बुरा मत देखो, बुरा मत बोलो, बुरा मत सुनो वाला गांधी जी का संदेश बदलने का वक्त आ चुका है। अब प्यार ही देखो, बोलो और सुनो का संदेश देते हुए लव मंकी ट्रिपलेट्स बाजार से लोगों के दिलों और घरों में पैठ बनाना चालू कर चुके हैं। सी लव, हीयर लव, स्पीक लव का संदेश देते हुए यह खूबसूरत बंदरों की तिकड़ी इस वैलेंटाइन वीक में मोहब्बत की खुशबू हर ओर फैला रही है।

शायद यही सोचते हुए ग्रीटिंग्स एवं उपहार संबंधी उत्पादों की अग्रणी कंपनी आर्चीज ने 'लव मंकी ट्रिपलेट्स की बेहद ही संवेदनशील और कारगर रेंज लांच की है। 249 रुपये कीमत के यह लव मंकी बेहद ही आसान और कारगर तरीके से मोहब्बत का संदेश हर आम और खास तक पहुंचाने में मददगार हो रहे हैं।

'लव मंकी ट्रिपलेट्स
-तीन आकर्षक बंदर एक लाल रंग की बेंच पर साथ में बैठे
-हर बंदर करीब ढाई इंच लंबा और डेढ़ इंच चौड़ा

सी लव।
-पहला आंखों से हाथ लगाकर कुछ देखने की कोशिश कर रहा

हियर लव।
-दूसरा कानों पर हाथ लगाकर कुछ सुनने की कोशिश कर रहा है।

स्पीक लव
तीसरा मुंह में हाथ लगाकर कुछ बोलने की कोशिश कर रहा है।